श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  2.8.70 
मास: पक्षद्वयेनोक्तो द्वौ मासौ चार्कजावृतु:।
ऋतुत्रयं चाप्ययनं द्वेऽयने वर्षसंज्ञिते॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
दो पक्षों से मिलकर एक मास, दो सौर मासों से मिलकर एक ऋतु और तीन ऋतुओं से मिलकर एक संयाण बनता है। और इन दोनों संयाणों को मिलाकर एक वर्ष कहते हैं।
 
Two fortnights make a month, two solar months make a season and three seasons make a sanyaan. And these two sanyaans [together] are called a year.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd