श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  2.8.63 
तस्मान्माध्याह्निकात्कालादपराह्ण इति स्मृत:।
त्रय एव मुहूर्तास्तु कालभाग: स्मृतो बुधै:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
मध्याह्न के बाद के समय को मध्याह्न कहते हैं। विद्वान लोग कहते हैं कि इस काल में भी तीन मुहूर्त होते हैं।
 
The time after midday is called afternoon. Wise men say that this period also consists of three Muhurtas. 63.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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