श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  2.8.58 
तत: प्रयाति भगवान‍्ब्राह्मणैरभिरक्षित:।
बालखिल्यादिभिश्चैव जगत: पालनोद्यत:॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान सूर्य संसार के पालन में लग जाते हैं और ब्राह्मण आदि बालकों से सुरक्षित होकर विचरण करते हैं ॥58॥
 
Thereafter [after killing those demons] Lord Surya becomes engaged in the maintenance of the world and travels safe from children like brahmins etc. 58॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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