श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन  »  श्लोक 44-45
 
 
श्लोक  2.8.44-45 
षडेव राशीन‍्यो भुङ्‍क्ते रात्रावन्यांश्च षड‍‍्दिवा॥ ४४॥
राशिप्रमाणजनिता दीर्घह्रस्वात्मता दिने।
तथा निशायां राशीनां प्रमाणैर्लघुदीर्घता॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
सूर्य रात में छह राशियों और दिन में छह राशियों का अनुभव करता है। दिन की लंबाई और अवधि राशियों के परिमाण पर निर्भर करती है। रात की लंबाई और अवधि भी राशियों के परिमाण पर निर्भर करती है।
 
The Sun experiences six zodiac signs during the night and six during the day. The length and duration of the day depends on the magnitude of the zodiac signs. The length and duration of the night also depends on the magnitude of the zodiac signs.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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