एवं पुष्करमध्येन यदा याति दिवाकर:।
त्रिंशद्भागन्तु मेदिन्यास्तदा मौहूर्तिकी गति:॥ २६॥
अनुवाद
इस प्रकार जब सूर्य पुष्कर द्वीप के मध्य में पहुँचकर पृथ्वी का एक-तिहाई भाग पार कर लेता है, तब उसकी गति एक मुहूर्त तक रहती है। [अर्थात् उतना भाग पार करने में जितना समय लगता है, उसे मुहूर्त कहते हैं।]॥26॥
In this manner, when the Sun reaches the centre of Pushkar Island and crosses one-thirtieth of the Earth, its speed lasts for one muhurta. [i.e. the time it takes to cross that much part is called a muhurta.]॥26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥