श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.8.11 
अहोरात्रव्यवस्थानकारणं भगवान‍् रवि:।
देवयान: पर: पन्था योगिनां क्लेशसङ्क्षये॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भगवान सूर्य दिन-रात की व्यवस्था के कारण हैं और मोह आदि क्लेशों के क्षीण हो जाने पर, क्रमशः मोक्ष प्राप्त करने वाले योगियों के लिए वे देवयान नामक उत्तम मार्ग हैं ॥11॥
 
Lord Surya is the cause of the system of day and night and when the afflictions like attachment etc. are reduced, He is the best path called Devayana for the Yogis who are destined to achieve liberation gradually. ॥11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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