श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 7: भूर्भुव: आदि सात ऊर्ध्वलोकोंका वृत्तान्त  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.7.9 
शौरिर्बृहस्पतेश्चोर्ध्वं द्विलक्षे समवस्थित:।
सप्तर्षिमण्डलं तस्माल्लक्षमेकं द्विजोत्तम॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे द्विजोत्तम! शनि बृहस्पति से दो लाख योजन ऊपर है और सप्तर्षिमण्डल शनि से एक लाख योजन की दूरी पर है ॥9॥
 
O Dwijottam! Saturn is two lakh yojanas above Jupiter and Saptarshimandal is at a distance of one lakh yojana from Saturn. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)