प्रधानं च पुमांश्चैव सर्वभूतात्मभूतया।
विष्णुशक्त्या महाबुद्धे वृतौ संश्रयधर्मिणौ॥ २९॥
अनुवाद
हे महाबुद्ध! ये संयुक्त (मिश्रित) प्रधान और मनुष्य भी सम्पूर्ण भूतों के स्वरूप भगवान् विष्णु की शक्ति से आवृत हैं। 29॥
O great Buddha! These conjoined (mixed together) chiefs and men are also covered with the power of Vishnu, who is the embodiment of all the ghosts. 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥