vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 7: भूर्भुव: आदि सात ऊर्ध्वलोकोंका वृत्तान्त
»
श्लोक 23
श्लोक
2.7.23
दशोत्तरेण पयसा मैत्रेयाण्डं च तद्वृतम्।
सर्वोऽम्बुपरिधानोऽसौ वह्निना वेष्टितो बहि:॥ २३॥
अनुवाद
हे मैत्रेय! यह अण्ड अपने आकार से दसगुने जल से ढका हुआ है और वह सम्पूर्ण जल का आवरण अग्नि से घिरा हुआ है॥ 23॥
O Maitreya, this egg is covered by water ten times its size, and that entire covering of water is surrounded by fire.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×