श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.6.7 
कूटसाक्षी तथाऽसम्यक‍‍्पक्षपातेन यो वदेत्।
यश्चान्यदनृतं वक्ति स नरो याति रौरवम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जो व्यक्ति झूठा साक्षी है (अर्थात जो जानकर कुछ नहीं बताता या कुछ और कहता है) अथवा जो पक्षपात के कारण सत्य नहीं बताता तथा झूठ बोलता है, वह रौरवण नामक नरक में जाता है।
 
A person who is a false witness (i.e. one who does not tell anything knowingly or one who says something else) or one who does not tell the truth due to bias and who tells lies, goes to the hell of Rauravan. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)