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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन
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श्लोक 53
श्लोक
2.6.53
समुद्रा: पर्वताश्चैव द्वीपा वर्षाणि निम्नगा:।
सङ्क्षेपात्सर्वमाख्यातं किं भूय: श्रोतुमिच्छसि॥ ५३॥
अनुवाद
समुद्र, पर्वत, द्वीप, वर्ष और नदियाँ - इन सबका मैंने संक्षेप में वर्णन कर दिया; अब और क्या सुनना चाहते हो?॥ 53॥
Oceans, mountains, islands, years and rivers—I have briefly explained them all; now, what else do you want to hear?॥ 53॥
इति श्रीविष्णुपुराणे द्वितीयेंऽशे षष्ठोऽध्याय:॥ ६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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