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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन
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श्लोक 52
श्लोक
2.6.52
एवमेतन्मयाख्यातं भवतो मण्डलं भुव:।
पातालानि च सर्वाणि तथैव नरका द्विज॥ ५२॥
अनुवाद
हे द्विज! इस प्रकार मैंने तुमसे सम्पूर्ण पृथ्वी, सम्पूर्ण पाताल और नरकों का वर्णन किया है ॥ 52॥
O twice born person, in this manner I have described to you the entire earth, the entire netherworld and the hells. ॥ 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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