तस्माद्दु:खात्मकं नास्ति न च किञ्चित्सुखात्मकम्।
मनस: परिणामोऽयं सुखदु:खादिलक्षण:॥ ४९॥
अनुवाद
अतः न तो कोई वस्तु दुःख देने वाली है और न ही कोई वस्तु सुख देने वाली है। सुख-दुःख तो मन के विकार मात्र हैं ॥49॥
Therefore, there is no object that brings sorrow, and there is no object that brings happiness. Happiness and sorrow are only the disorders of the mind. ॥ 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥