श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  2.6.41 
प्रातर्निशि तथा सन्ध्यामध्याह्नादिषु संस्मरन्।
नारायणमवाप्नोति सद्य: पापक्षयान्नर:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
प्रातः, सायं, रात्रि अथवा मध्याह्न किसी भी समय श्री नारायण का स्मरण करने से मनुष्य के समस्त पाप तुरन्त नष्ट हो जाते हैं ॥ 41॥
 
By remembering Sri Narayana at any time in the morning, evening, night or afternoon, all a person's sins are instantly diminished. ॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)