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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन
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श्लोक 39
श्लोक
2.6.39
प्रायश्चित्तान्यशेषाणि तप:कर्मात्मकानि वै।
यानि तेषामशेषाणां कृष्णानुस्मरणं परम्॥ ३९॥
अनुवाद
परंतु समस्त कर्म-आधारित तपों और प्रायश्चितों में श्रीकृष्ण का स्मरण ही श्रेष्ठ है ॥39॥
But of all the austerities and atonements based on actions, remembering Sri Krishna is the best. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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