Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.6.24-25: जो मनुष्य यज्ञ या गांव का नाश करता है, वह वैतरणी नामक नरक में जाता है और जो वीर्य-दूषण करते हैं, खेतों की मेड़ तोड़ते हैं, अशुद्ध रहते हैं और छल-कपट का आचरण करते हैं, वे कृष्ण नामक नरक में पड़ते हैं। | vishnu अध्याय 2.6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मखहा ग्रामहन्ता च याति वैतरणीं नर:॥ २४॥
रेत:पातादिकर्त्तारो मर्यादाभेदिनो हि ये।
ते कृष्णे यान्त्यशौचाश्च कुहकाजीविनश्च ये॥ २५॥
अनुवाद
जो मनुष्य यज्ञ या गांव का नाश करता है, वह वैतरणी नामक नरक में जाता है और जो वीर्य-दूषण करते हैं, खेतों की मेड़ तोड़ते हैं, अशुद्ध रहते हैं और छल-कपट का आचरण करते हैं, वे कृष्ण नामक नरक में पड़ते हैं।
A man who destroys a sacrifice or a village goes to the hell of Vaitarani, and those who commit semen pollution, break the fences of fields, are impure and resort to deceitful behavior, fall into the hell of Krishna. 24-25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥