श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.6.21 
मार्जारकुक्‍कुटच्छागश्ववराहविहङ्गमान्।
पोषयन्नरकं याति तमेव द्विजसत्तम॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे द्विजश्रेष्ठ! बिल्ली, मुर्गी, कुत्ता, घोड़ा, सूअर और पक्षी आदि को पालकर मनुष्य भी उसी नरक में जाता है॥21॥
 
O best of the two! A man also goes to the same hell by rearing cats, poultry, dogs, horses, pigs and birds [for livelihood]. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)