श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  2.6.17 
करोति कर्णिनो यश्च यश्च खड्गादिकृन्नर:।
प्रयान्त्येते विशसने नरके भृशदारुणे॥ १७॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य करणी नामक बाण बनाते हैं और जो तलवार आदि अस्त्र बनाते हैं, वे विषासन नामक अत्यन्त भयंकर नरक में गिरते हैं ॥17॥
 
Those men who make the arrows called Karni and those who make weapons like swords, fall into the most dreadful hell called Vishasan. ॥17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)