श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.6.14 
चोरो विलोहे पतति मर्यादादूषकस्तथा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
चोर और नियम का उल्लंघन करने वाला मनुष्य विलोहित नरक में गिरते हैं ॥14॥
 
A thief and a man who violates the rules fall into the hell of Vilohit. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)