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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 5: सात पाताललोकोंका वर्णन
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श्लोक 8
श्लोक
2.5.8
दिवार्करश्मयो यत्र प्रभां तन्वन्ति नातपम्।
शशिरश्मिर्न शीताय निशि द्योताय केवलम्॥ ८॥
अनुवाद
जहाँ दिन में सूर्य की किरणें केवल प्रकाश देती हैं, गर्मी नहीं; और रात्रि में चन्द्रमा की किरणें शीत नहीं लातीं, केवल चाँदनी फैलाती हैं ॥8॥
Where during the day the rays of the sun give only light, not heat; and at night the rays of the moon do not bring cold, only moonlight spreads. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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