श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 5: सात पाताललोकोंका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.5.3 
शुक्लकृष्णारुणा: पीता: शर्करा: शैलकाञ्चना:।
भूमयो यत्र मैत्रेय वरप्रासादमण्डिता:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! वहाँ की भूमि सुन्दर महलों से सुशोभित, श्वेत, श्याम, लाल और पीत वर्ण की है तथा शर्करा (कंकड़), शैल (पत्थर) और सुवर्ण से बनी हुई है॥3॥
 
O Maitreya! The lands there, adorned with beautiful palaces, are of white, black, red and yellow colours and are made of sugar (gravel), rock (stony) and gold.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)