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vishnu 2.5.25: जिसका चन्दन नागवधूओं द्वारा लेप किया हुआ, श्वास के साथ बार-बार निकलता रहता है और सब दिशाओं में सुगन्धित रहता है। 25.   |   vishnu अध्याय 2.5: सात पाताललोकोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 5: सात पाताललोकोंका वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  2.5.25 
यस्य नागवधूहस्तैर्लेपितं हरिचन्दनम्।
मुहु: श्वासानिलापास्तं याति दिक्षूदवासताम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
जिसका चन्दन नागवधूओं द्वारा लेप किया हुआ, श्वास के साथ बार-बार निकलता रहता है और सब दिशाओं में सुगन्धित रहता है। 25.
 
Whose sandalwood, coated by snake brides, keeps getting released again and again with the breath and keeps fragranced in all directions. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)