श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 5: सात पाताललोकोंका वर्णन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.5.13 
पातालानामधश्चास्ते विष्णोर्या तामसी तनु:।
शेषाख्या यद‍्गुणान्वक्तुं न शक्ता दैत्यदानवा:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
पाताल लोक में भगवान विष्णु के शेष नामक तमोमय विग्रह के गुणों का वर्णन दैत्य या राक्षस भी नहीं कर सकते॥13॥
 
Even the devils or demons cannot describe the qualities of the Tamomaya Deity of Lord Vishnu named Shesha under the underworld. 13॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd