Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.5.11-12: और हे द्विज! जहाँ पाताल में रहने वाले राक्षस, दानव और सर्पगण भी अत्यन्त स्वच्छ आभूषण, सुगन्धित बाँसुरी, वीणा, वेणु, मृदंग और तुरीय की ध्वनियाँ प्रस्तुत करते हैं - ये सब तथा अन्य बहुत सी वस्तुएँ हैं, जिनका सौभाग्यशाली मनुष्य भोग कर सकते हैं। 11-12॥ | vishnu अध्याय 2.5: सात पाताललोकोंका वर्णन । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
और हे द्विज! जहाँ पाताल में रहने वाले राक्षस, दानव और सर्पगण भी अत्यन्त स्वच्छ आभूषण, सुगन्धित बाँसुरी, वीणा, वेणु, मृदंग और तुरीय की ध्वनियाँ प्रस्तुत करते हैं - ये सब तथा अन्य बहुत सी वस्तुएँ हैं, जिनका सौभाग्यशाली मनुष्य भोग कर सकते हैं। 11-12॥
And O Dwija! Where the devils, demons and serpents who reside in the underworld, present very clean ornaments, fragrant flutes, sounds of veena, venu and mridangad and turiya - all these and many other things which the fortunate ones can enjoy. 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥