श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  2.4.97 
सेयं धात्री विधात्री च सर्वभूतगुणाधिका।
आधारभूता सर्वेषां मैत्रेय जगतामिति॥ ९७॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! यह पृथ्वी समस्त देवों से भी अधिक गुणों वाली है, तथा सम्पूर्ण जगत् की आधारशिला, उसकी पालनहार और उत्पत्तिकर्ता है। 97॥
 
O Maitreya! This earth, which has more qualities than all the celestial beings, is the foundation of the entire world and its sustainer and originator. 97॥
 
इति श्रीविष्णुपुराणे द्वितीयेंऽशे चतुर्थोऽध्याय:॥ ४॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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