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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन
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श्लोक 95
श्लोक
2.4.95
ततस्तम: समावृत्य तं शैलं सर्वत: स्थितम्।
तमश्चाण्डकटाहेन समन्तात्परिवेष्टितम्॥ ९५॥
अनुवाद
उसके आगे उस पर्वत को चारों ओर से घोर अंधकार ने घेरा हुआ है और वह अंधकार चारों ओर से ब्रह्माण्डीय गुफा से घिरा हुआ है ॥95॥
Beyond it there is total darkness enveloping that mountain from all sides, and that darkness is surrounded on all sides by the cosmic cave. ॥95॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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