श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  2.4.92 
भोजनं पुष्करद्वीपे तत्र स्वयमुपस्थितम्।
षड्रसं भुञ्जते विप्र प्रजा: सर्वा: सदैव हि॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मण! पुष्कर द्वीप में सब लोग सदा अपने द्वारा [बिना किसी प्रयास के] प्राप्त होने वाले षट्स्वादिष्ट भोजन का ही सेवन करते हैं॥92॥
 
O Brahmin, in the island of Pushkar all the people always eat the six-taste food that is obtained by themselves [without any effort]. ॥92॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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