श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  2.4.87 
एवं द्वीपा: समुद्रैश्च सप्त सप्तभिरावृता:।
द्वीपश्चैव समुद्रश्च समानौ द्विगुणौ परौ॥ ८७ ॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार सातों द्वीप सात समुद्रों से घिरे हुए हैं और द्वीप तथा समुद्र एक दूसरे के बराबर हैं और क्रमशः दुगुने होते जा रहे हैं ॥87॥
 
Thus the seven islands are surrounded by seven seas, and the islands and the seas [encircling them] are equal to each other, and are gradually doubling in size. ॥ 87॥
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