श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  2.4.85 
न्यग्रोध: पुष्करद्वीपे ब्रह्मण: स्थानमुत्तमम्।
तस्मिन्निवसति ब्रह्मा पूज्यमान: सुरासुरै:॥ ८५ ॥
 
 
अनुवाद
पुष्कर द्वीप में ब्रह्माजी का सर्वश्रेष्ठ निवास स्थान वट वृक्ष है, जहाँ देवताओं और दानवों द्वारा पूजित श्री ब्रह्माजी निवास करते हैं ॥85॥
 
The best abode of Brahmaji in Pushkar Island is a banyan tree, where Shri Brahmaji, worshiped by Gods and Daanvadis, resides. 85॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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