श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  2.4.81 
सत्यानृते न तत्रास्तां द्वीपे पुष्करसंज्ञिते।
न तत्र नद्य: शैला वा द्वीपे वर्षद्वयान्विते॥ ८१ ॥
 
 
अनुवाद
उस पुष्कर द्वीप में जो दो भागों में विभक्त है, सत्य और असत्य का व्यवहार नहीं है और न ही उसमें पर्वत और नदियाँ हैं। 81.
 
In that Pushkar island which is divided into two parts, there is no practice of truth and falsehood and neither are there mountains and rivers in it. 81.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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