श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  2.4.72 
क्षीराब्धि: सर्वतो ब्रह्मन‍्पुष्कराख्येन वेष्टित:।
द्वीपेन शाकद्वीपात्तु द्विगुणेन समन्तत:॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
और हे ब्रह्मन्! वह क्षीरसागर पुष्करद्वीप से घिरा हुआ है, जो शाकद्वीप से दुगुना बड़ा है ॥72॥
 
And O Brahman! That milky sea is surrounded by Pushkardweep, which is twice the size of Shakdweep. 72॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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