श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.4.49 
तत्रापि देवगन्धर्वसेविता: सुमनोहरा:।
वर्षाचला महाबुद्धे तेषां नामानि मे शृणु॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ भी देवताओं और गन्धर्वों से सेवित सात अत्यन्त सुन्दर वर्ष पर्वत हैं। हे महाबुद्ध! उनके नाम सुनो॥49॥
 
There too there are seven very beautiful Varsha mountains served by gods and Gandharvas. O great Buddha! Listen to their names—॥ 49॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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