श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  2.4.37 
तस्मिन्वसन्ति मनुजा: सह दैतेयदानवै:।
तथैव देवगन्धर्वयक्षकिम्पुरुषादय:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
उसमें दानवों और राक्षसों के साथ मनुष्य, देवता, गंधर्व, यक्ष, किन्नर आदि भी निवास करते हैं ॥37॥
 
Therein reside human beings, gods, Gandharvas, Yakshas, ​​Kinnars etc. along with demons and devils. ॥ 37॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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