श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  2.4.28 
योनिस्तोया वितृष्णा च चन्द्रा मुक्ता विमोचनी।
निवृत्ति: सप्तमी तासां स्मृतास्ता: पापशान्तिदा:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
वह योनि, खिलौना, वितृष्णा, चन्द्रा, मुक्ता, विमोचनी और निवृत्ति है तथा स्मरण मात्र से ही समस्त पापों को शान्त कर देने वाली है ॥28॥
 
She is Yoni, Toya, Vitrishna, Chandra, Mukta, Vimochani and Nivrutti and can pacify all sins just by remembering them. 28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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