vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन
»
श्लोक 27
श्लोक
2.4.27
कङ्कस्तु पञ्चम: षष्ठो महिष: सप्तमस्तथा।
ककुद्मान्पर्वतवर: सरिन्नामानि मे शृणु॥ २७॥
अनुवाद
पाँचवीं कंक, छठी महिष और सातवीं गिरिवर ककुद्मन है। अब नदियों के नाम सुनो॥27॥
The fifth is Kank, the sixth is Mahisha and the seventh is Girivar Kakudman. Now listen to the names of the rivers.॥ 27॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas