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श्लोक 2.4.24  |
शाल्मलेन समुद्रोऽसौ द्वीपेनेक्षुरसोदक:।
विस्तारद्विगुणेनाथ सर्वत: संवृत: स्थित:॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| यह इक्षुरा समुद्र (प्लक्षद्वीप को घेरे हुए) अपने से दुगुने आकार वाले इस शाल्मलद्वीप से सब ओर से घिरा हुआ है॥24॥ |
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| This sea of Ikshura (surrounding Plakshadweep) is surrounded on all sides by this Shalmaldweep which is twice as large as itself. 24॥ |
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