| श्री विष्णु पुराण » अंश 2: द्वितीय अंश » अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन » श्लोक 22-23 |
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| | | | श्लोक 2.4.22-23  | शाल्मलस्येश्वरो वीरो वपुष्मांस्तत्सुताञ्छृणु।
तेषां तु नामसंज्ञानि सप्तवर्षाणि तानि वै॥ २२॥
श्वेतोऽथ हरितश्चैव जीमूतो रोहितस्तथा।
वैद्युतो मानसश्चैव सुप्रभश्च महामुने॥ २३॥ | | | | | | अनुवाद | | शाल्मलद्वीप के स्वामी वीरवर वपुष्मा थे । उनके पुत्रों के नाम सुनो - हे महर्षि ! वे श्वेत, हारित, जीमूत, रोहित, वैद्युत, मानस और सुप्रभ थे । उनके सात वर्ष उन्हीं के नाम पर हैं । 22-23॥ | | | | The lord of Shalmaldweep was Veeravar Vapushman. Listen to the names of his sons – Oh great sage! They were Shvet, Harit, Jimut, Rohit, Vaidyut, Manas and Suprabh. His seven years are named after him. 22-23॥ | | ✨ ai-generated | | |
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