| श्री विष्णु पुराण » अंश 2: द्वितीय अंश » अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन » श्लोक 15 |
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| | | | श्लोक 2.4.15  | पञ्च वर्षसहस्राणि जना जीवन्त्यनामया:।
धर्मा: पञ्च तथैतेषु वर्णाश्रमविभागश:॥ १५॥ | | | | | | अनुवाद | | इन द्वीपों के लोग स्वस्थ रहते हैं और पाँच हजार वर्ष तक जीवित रहते हैं तथा उनमें वर्णाश्रमविधि के अनुसार पाँच सिद्धांत (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह) प्रचलित रहते हैं ॥15॥ | | | | The people of these islands remain healthy and live for five thousand years and the five principles (non-violence, truth, non-stealing, celibacy and non-possession) are prevalent in them according to the Varnashram division. ॥15॥ | | ✨ ai-generated | | |
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