श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.4.1 
श्रीपराशर उवाच
क्षारोदेन यथा द्वीपो जम्बूसंज्ञोऽभिवेष्टित:।
संवेष्टॺ क्षारमुदधिं प्लक्षद्वीपस्तथा स्थित:॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पाराशर ने कहा - जिस प्रकार जम्बूद्वीप क्षार सागर से घिरा हुआ है, उसी प्रकार प्लक्षद्वीप क्षार सागर से घिरा हुआ है।
 
Sri Parashara said - Just as Jambudweepa is surrounded by the Ksharasocean, in the same way Plakshdweep is situated surrounding the Ksharasocean.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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