Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.3.5: यहीं से मनुष्य स्वर्ग, मोक्ष, अन्तरिक्ष या पाताल लोक [अपने कर्मानुसार] प्राप्त कर सकता है। यहाँ के अतिरिक्त पृथ्वी पर अन्यत्र कहीं भी मनुष्य के लिए कर्म का कोई मार्ग नहीं है ॥5॥ | vishnu अध्याय 2.3: भारतादि नौ खण्डोंका विभाग । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यहीं से मनुष्य स्वर्ग, मोक्ष, अन्तरिक्ष या पाताल लोक [अपने कर्मानुसार] प्राप्त कर सकता है। यहाँ के अतिरिक्त पृथ्वी पर अन्यत्र कहीं भी मनुष्य के लिए कर्म का कोई मार्ग नहीं है ॥5॥
It is only from here that one can attain heaven, salvation, space or the netherworld [according to one's karma]. There is no method of karma for man anywhere else on earth except here. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥