Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.3.26: "हम नहीं जानते कि हमारे स्वर्गीय कर्मों के समाप्त हो जाने पर हम कहाँ जन्म लेंगे। वे पुरुष धन्य हैं, जो भारत में जन्म लेकर भी अपनी इन्द्रियों की शक्ति से वंचित नहीं हुए हैं।"॥26॥ | vishnu अध्याय 2.3: भारतादि नौ खण्डोंका विभाग । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जानीम नैतत् क्व वयं विलीने
स्वर्गप्रदे कर्मणि देहबन्धम्।
प्राप्स्याम धन्या: खलु ते मनुष्या
ये भारते नेन्द्रियविप्रहीना:॥ २६॥
अनुवाद
"हम नहीं जानते कि हमारे स्वर्गीय कर्मों के समाप्त हो जाने पर हम कहाँ जन्म लेंगे। वे पुरुष धन्य हैं, जो भारत में जन्म लेकर भी अपनी इन्द्रियों की शक्ति से वंचित नहीं हुए हैं।"॥26॥
"We don't know where we will be born after our heavenly deeds are exhausted. Blessed are those men who, despite being born in Bharat, have not been deprived of the power of their senses."॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥