श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 16: ऋभुकी आज्ञासे निदाघका अपने घरको लौटना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.16.19 
ब्राह्मण उवाच
एवमुक्त्वा ययौ विद्वान‍्निदाघं स ऋभुर्गुरु:।
निदाघोऽप्युपदेशेन तेनाद्वैतपरोऽभवत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण बोला - निदाघ से ऐसा कहकर परम विद्वान गुरु भगवान ऋभु चले गए और उनके उपदेश से निदाघ भी अद्वैत चिंतन में रुचि लेने लगा ॥19॥
 
The Brahmin said - Having said this to Nidagha, the most learned Guru, Lord Ribhu, went away and due to his advice, Nidagha also became interested in Advaita thinking. 19॥
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