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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 16: ऋभुकी आज्ञासे निदाघका अपने घरको लौटना
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श्लोक 11
श्लोक
2.16.11
ऋभुरुवाच
जानाम्यहं यथा ब्रह्मंस्तथा मामवबोधय।
अध:शब्दनिगद्यं हि किं चोर्ध्वमभिधीयते॥ ११॥
अनुवाद
ऋभु बोले - [ठीक है, परन्तु] हे ब्रह्म! मुझे इस प्रकार समझाइए कि मैं जान सकूँ कि 'नीचे' शब्द का क्या अर्थ है और 'ऊपर' किसे कहते हैं।
Ribhu said - [Okay, but] O Brahman! Explain it to me in such a way that I can know what is meant by the word 'below' and what is called 'above'.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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