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श्लोक 2.16.10  |
निदाघ उवाच
गजो योऽयमधो ब्रह्मन्नुपर्यस्यैष भूपति:।
वाह्यवाहकसम्बन्धं को न जानाति वै द्विज॥ १०॥ |
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| अनुवाद |
| निदाघ ने कहा - "नीचे वाला हाथी है और उसके ऊपर राजा है। हे ब्राह्मण! कौन नहीं जानता कि उन दोनों का बाह्य वाहक-सम्बन्ध है?॥10॥ |
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| Nidagha said, "The one below is the elephant and above him is the king. Oh Brahmin! Who does not know that both of them have an external carrier-relationship?॥10॥ |
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