श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 15: ऋभुका निदाघको अद्वैतज्ञानोपदेश  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.15.6 
देविकायास्तटे वीरनगरं नाम वै पुरम्।
समृद्धमतिरम्यं च पुलस्त्येन निवेशितम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उस समय देविका नदी के तट पर पुलस्त्यज्ञ द्वारा बसाया गया वीरनगर नामक एक अत्यंत सुन्दर एवं समृद्ध नगर था।
 
At that time, on the bank of the river Devika, there was a very beautiful and prosperous city called Veernagar, founded by Pulastyajna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)