vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 14: जडभरत और सौवीरनरेशका संवाद
»
श्लोक 23
श्लोक
2.14.23
एवं विनाशिभिर्द्रव्यै: समिदाज्यकुशादिभि:।
निष्पाद्यते क्रिया या तु सा भवित्री विनाशिनी॥ २३॥
अनुवाद
अतः समिध, घृत और कुशा आदि नाशवान पदार्थों से जो क्रिया की जाती है, वह भी नाशवान होगी ॥23॥
Therefore, the Kriya which is performed with perishable substances like Samidh, Ghrit and Kusha etc. will also be perishable. 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×