श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 14: जडभरत और सौवीरनरेशका संवाद  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.14.12 
ब्राह्मण उवाच
भूप पृच्छसि किं श्रेय: परमार्थं नु पृच्छसि।
श्रेयांस्यपरमार्थानि अशेषाणि च भूपते॥ १२॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण ने कहा, "हे राजन! आप पुण्य पूछना चाहते हैं या कल्याण? क्योंकि हे राजन! सभी पुण्य अपुण्य हैं।"
 
The Brahmin said, "O King! Do you want to ask about merit or welfare? Because, O King! All merits are non-meritorious." 12.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)