श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 14: जडभरत और सौवीरनरेशका संवाद  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.14.1 
श्रीपराशर उवाच
निशम्य तस्येति वच: परमार्थसमन्वितम्।
प्रश्रयावनतो भूत्वा तमाह नृपतिर्द्विजम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर जी बोले - उनके ये आध्यात्मिक वचन सुनकर राजा ने उस श्रेष्ठ ब्राह्मण से विनम्रतापूर्वक कहा।
 
Shri Parashar ji said - After listening to these spiritual words of his, the king humbly said to that great Brahmin. 1.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)