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vishnu 2.13.98: हे राजन! पुरुष न तो देवता है, न मनुष्य, न पशु, न वृक्ष। ये सब कर्मजन्य शरीरों के ही विभिन्न रूप हैं॥ 98॥   |   vishnu अध्याय 2.13: भरत-चरित्र   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  2.13.98 
पुमान्न देवो न नरो न पशुर्न च पादप:।
शरीराकृतिभेदास्तु भूपैते कर्मयोनय:॥ ९८ ॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! पुरुष न तो देवता है, न मनुष्य, न पशु, न वृक्ष। ये सब कर्मजन्य शरीरों के ही विभिन्न रूप हैं॥ 98॥
 
O King! The Purusha (living being) is neither a god, nor a human, nor an animal, nor a tree. All these are just variations of the forms of the bodies born of karma.॥ 98॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)