श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  2.13.92 
त्वं राजा शिबिका चेयमिमे वाहा: पुर:सरा:।
अयं च भवतो लोको न सदेतन्नृपोच्यते॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
आप राजा हैं, यह रथ है, ये आपके आगे चलने वाले सारथि हैं और ये सब आपकी प्रजा हैं - हे राजन! इनमें से कोई भी कथन वस्तुत: सत्य नहीं है ॥92॥
 
"You are the king, this is the chariot, these are the charioteers in front of you and all of them are your subjects" - O King! None of these statements is objectively true. ॥92॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)